Thursday, 2 January 2014

कल रात

 
सुनो जानते हो कल फिर आया था चाँद मेरे द्वारे। 
मेरे कमरे की खिड़की में टंगे जाली के पर्दे की ओट से 
चुपके-चुपके देख रहा था वो कल रात मुझे
इस बार चाँदनी भी साथ थी उसके 
कुछ कम उदास नज़र आया वो मुझे कल रात 
शायद अब मन हलका हो गया है उसका 
तभी तो चांदनी को भी मना लिया उसने कल रात 
ऐसा लगा मुझे कल रात   
जैसे दोनों किसी छोटे नन्हे शिशु की तरह खेल रहे हों मेरे साथ
जैसे चाँदनी मुझसे कह रही हो कल रात  
कि शुक्रिया दोस्त मुझे मेरा हँसतामुसकुराता चाँद लौटाने के लिए 
तुमने मुझे मेरा चाँद लौटाया है 
तो मैं भी तुम्हें कोई तोहफा जरूर देना चाहूंगी
 बस तुम ना मत करना 
और अचानक मेरे चेहरे पर चाँदनी 
 अपनी अद्भुत चमक के साथ 
टूटती हुई मोती की माला की तरह बिखर गई
और छोड़ गई अपने उस अद्भुत सौंदर्य का एक अंश 
मेरे चेहरे पर कल रात
फिर उसी सौंदर्य और भरपूर चमक को लिए 
वो हँसती-खिलखिलाती हुई जा मिली अपने चाँद के साथ 
ऐसे जैसे सागर में नदिया और फूल में खुशबू मिले  
आखिर में दोनों हाथों में हाथ डाले
हवा के बिछौने पर बादलों की ओढ़नी लिए नभ में छिप गए
तब ऐसा लगा मुझे 
जैसे चाँद के मुख पर लगे खामोशी के सभी बादल छंट गए....

  

12 comments:

  1. कल रात का यह चांद-चांदनी से आपका संवाद कितना कल-कल करता हुआ बह रहा है................

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  2. बहुत सुन्दर.
    नव वर्ष की शुभकामनाएँ !!
    नई पोस्ट : नींद क्यों आती नहीं रात भर

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  3. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति ...!
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाए...!
    RECENT POST -: नये साल का पहला दिन.

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  4. बहुत ही खूबसूरत अहसास लिये मीठी सी रचना ! बहुत सुंदर ! नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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  5. वाह बहुत ही खूबसूरत |

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (4-1-2014) "क्यों मौन मानवता" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1482 पर होगी.
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
    सादर...!

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  7. बहुत सुन्दर कल्पना ...सुन्दर संवाद ..जैसे दो सहेलियों का संवाद !
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |
    नई पोस्ट विचित्र प्रकृति
    नई पोस्ट नया वर्ष !

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  8. प्रकृति का सुन्दर अवलंबन

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  9. रात का संवाद ... खुद से या बरसती चांदनी से ...
    लाजवाब एहसास ...

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  10. वाह...बहुत बढ़िया प्रस्तुति...आप को मेरी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

    नयी पोस्ट@एक प्यार भरा नग़मा:-कुछ हमसे सुनो कुछ हमसे कहो

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  11. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति...

    आप सभी लोगो का मैं अपने ब्लॉग पर स्वागत करता हूँ मैंने भी एक ब्लॉग बनाया है मैं चाहता हूँ आप सभी मेरा ब्लॉग पर एक बार आकर सुझाव अवश्य दें...

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