Tuesday, 11 June 2013

फूल गुलाब का ....


"फूल गुलाब का लाखों में हजारों में 
चेहरा जनाब का" 

कितना आसान होता है ना, किसी को गुलाब कह देना
निर्मल, कोमल, खुशबू से लबरेज़ महकता हुआ गुलाब
किसी के होंटों गुलाब, तो किसी के गालों पर गुलाब
और हो भी क्यूँ ना
आखिर यूं हीं थोड़ी न फूलों का राजा कहलाता है गुलाब
मगर किसी को गुलाब की उपमा से नवाज़्ते वक्त
हम कभी क्यूँ नहीं सोच पाते
उसकी सुंदरता और उसकी कोमलता के पीछे छिपे
उसके दर्द को, उन काँटों की चुभन को
जिसके बीच दिन रात रहकर भी
तिल तिल कर बढ़ती है एक कोमल कली
और बनती है एक खूबसूरत गुलाब
जिसे देखने के बाद हर मन मचल ही जाता है उसे पाने के लिए
इन दिनों मेरे घर में भी खिल रहे हैं, अनगिनत गुलाब
मगर कल उन्हें पाने की चाह में
मैंने महसूस की उसके काँटों की चुभन
तब यह ख्याल आया कि
हर मुस्कुराहट के पीछे एक दर्द छिपा होता है
चहरे और स्वभाव से जो इंसान खुश मिजाज दिखाई दे
अक्सर वही इंसान अंतस से बेहद दुखी होता है
अर्थात जो आँखें देखती है वो हमेशा सच नहीं होता
यूं तो समंदर किनारे भी बहुत शोर होता है
लेकिन समंदर की ख़ामोशी भी अक्सर हमें सुनाई नहीं देती...
जैसे यह है तो एक कविता मगर कविता सी सुनाई नहीं देती :-)

खैर छोड़िए जनाब जो मन में आया और जो महसूस किया वो लिख दिया अब कविता बनी या नहीं इस से क्या फर्क पड़ता है आप सब मज़ा लीजिये इस गीत का.... :))
  

    

24 comments:

  1. नदी का सौन्दर्य दिखना और उसके प्रलाप को सुनना - दोनों में अंतर है

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  2. समंदर की ख़ामोशी भी अक्सर हमें सुनाई नहीं देती

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  3. मन के बातों को ऐसे ही निच्छल भाव से लिख देना ...कविता से भी आगे की ही सोच है

    बहुत उम्दा

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  4. बहुत सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति आभार जो बोया वही काट रहे आडवानी आप भी दें अपना मत सूरज पंचोली दंड के भागी .नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

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  5. आपकी यह पोस्ट आज के (१२ जून, २०१३) ब्लॉग बुलेटिन - शहीद रेक्स पर प्रस्तुत की जा रही है | बधाई

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  6. यही है संवेदना का चिन्तन!

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  7. बहुत बडियां अभिव्यक्ति......बधाई आपको

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  8. बहुत सुंदर
    अच्छी रचना


    मीडिया के भीतर की बुराई जाननी है, फिर तो जरूर पढिए ये लेख ।
    हमारे दूसरे ब्लाग TV स्टेशन पर। " ABP न्यूज : ये कैसा ब्रेकिंग न्यूज ! "
    http://tvstationlive.blogspot.in/2013/06/abp.html

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  9. हर खुशी के पीछे भी कई बार दर्द होता है ... मेरा मानना है दर्द को याद करके खुशी देने वाले की इच्छा का अनादर है ...

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  10. wah re khubsurat gulab... :) dard ward ko kaun dekhe, soche, samjhe... !!

    behtareen..

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  11. सच दृश्य और श्रब्य से कभी कभी परे होता है पर हमेशा नहीं -अच्छी अभिव्यक्ति
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post: प्रेम- पहेली
    LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !

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  12. बहुत संवेदनशील अभिव्यक्ति...

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  13. संवेदना से भरी अभिव्यक्ति के लिए बधाई

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  14. संवेदनशील अभिव्यक्ति

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  15. समंदर और फूल बिन कहे क्या कहते हैं , खूब कहते हैं , कभी उनके करीब खामोश होकर देखें तो !
    सुन्दर !

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  16. वाह.......अति सुन्दर ।

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  17. बहुत ही भावपुर्ण अभिव्यक्ति ....

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  18. मगर कल उन्हें पाने की चाह में ....
    मैंने महसूस की उसके काँटों की चुभन..

    सुन्दर भाव ..सच को उकेरती विचारणीय रचना ...
    भ्रमर ५

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  19. सच है मुस्कराहट के पीछे के दर्द को समझना बहुत मुश्किल होता है । बधाई । शुभकामनाएँ

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  20. वाकई जो हंसते मुस्‍कुराते रहते हैं शायद वे अंदर से दुखी रहते हैं। जो हंसते मुस्‍कुराते नहीं वे और भी ज्‍यादा दुखी तो नहीं रहते पर दुनियावी विडंबना देखकर (ऐसा क्‍यों) की मनस्थिति में अवश्‍य रहते हैं। ..............गुलाब पर तो रेखा और फारुख शेख की मूवी का यही गीत याद आता है,'लाखों में हजारों में चेहरा जनाब को,फूल गुलाब का'।

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